Govt Exams Big News : हाल ही में देश पर के युवाओं में एक अलग आक्रोश देखने को मिल रहा है और अभी फिलहाल वर्तमान में यदि स्थिति की बात की जाए तो स्थिति सामान्य है लेकिन बीते कुछ महीने पहले ही कर्मचारी चयन आयोग सहित तमाम परीक्षाओं के आयोजन को लेकर और मुख्य रूप से कंप्यूटर आधारित परीक्षाएं जो ऑफलाइन मोड पर नहीं होती हैं और ऑनलाइन मोड पर होती है उन परीक्षाओं के लिए आयोजन करने के संदर्भ में तमाम खबरें सोशल मीडिया सहित अन्य तमाम संसाधनों पर एक अलग माहौल बनती नजर आई यह खबरें मुख्य रूप से परीक्षाओं के आयोजन का प्रबंध देखने वाली संस्थाओं के संदर्भ में था जहां प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जो उम्मीदवार है वह अपनी एक अलग मुसीबत साझा करते नजर आए लेकिन क्या अब उनको एक बड़ी राहत मिल सकती है…
प्रतियोगी विद्यार्थियों का गुस्सा विचार करने योग्य –
बीते कुछ महीने पहले ही देश भर में एक आंदोलन देखने को मिल रहा था जिसमें विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था विद्यार्थियों के द्वारा ऐसे विद्यार्थी जो किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का हिस्सा है हालांकि यह आंदोलन कर्मचारी चयन आयोग के आसपास ही घूमता नजर आया लेकिन अनेक ऐसे भी प्रतियोगी विद्यार्थी हैं जिनकी समस्या भी लगभग इस समस्या के साथ मिलती-जुलती है यहां हमारे बताने का उद्देश्य यह है कि देशभर में परीक्षाएं जो आयोजित होती हैं और जो परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित होती है वह परीक्षाएं आयोजित करने के पीछे एक संस्था काम करती है एक टेक्नोलॉजी काम करती है जिसको लेकर ही यह पूरा मामला और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा था विद्यार्थियों का आरोप था कि कर्मचारी चयन आयोग के साथ ही देश भर में अनेक ऐसी परीक्षाएं जिसमें लाखों की संख्या में उम्मीदवार शामिल होते हैं उन्हें करवाने की जिम्मेदारी जिन संस्थाओं पर रखी गई है वह संस्थाएं सही तरह से काम नहीं कर रही हैं और परीक्षाओं में धांधली हो रही है इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाएं देते समय अनेक प्रकार की टेक्निकल समस्याएं भी देखने को मिल रही है ऐसा विद्यार्थियों का आरोप पूरी तरह से चर्चा का विषय रहा और इसमें निश्चित रूप से सत्यता है अब क्या इसको लेकर एक बड़ी खुशखबरी मिल सकती है इस पर ही हमें हर चर्चा करेंगे।
उम्मीदवारों को मिल सकती है खुशखबरी –
यहां चर्चा का विषय यह है कि देशभर के युवा जो किसी न किसी तरह की सरकारी नौकरी से जुड़ी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए क्या सरकार एक बड़ा फैसला ले सकती है और क्योंकि यह लगातार बड़े शिक्षकों और बड़े शिक्षा के क्षेत्र की जानकारी द्वारा सरकार को सुझाव भी दिया जाता रहा है कि सरकार किसी प्राइवेट कंपनी जो परीक्षाएं आयोजित करने के लिए काम करती है उसको इस प्रकार की जिम्मेदारी न देकर खुद ही ऐसे सिस्टम तैयार कर ले जो विद्यार्थियों के लिए कम से कम महत्वपूर्ण परीक्षाएं जिसमें बड़ी परीक्षाएं कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाएं और लोक सेवा आयोग इतिहास की परीक्षाएं शामिल है उनके आयोजन का पूरा कार्यान्वयन स्वयं सरकार देख पाए और क्योंकि सरकार जब इन बिंदुओं पर काम करेगी तो निश्चित रूप से इसमें एक अलग निष्पक्षता और साफ सफाई फिर नजर आएगी हालांकि अब कुछ सूत्रों से मिल रही सूचनाओं के अनुसार सरकारी बड़े कदम की ओर आगे बढ़ सकती है और संभव है कि सरकार एक ऐसे सिस्टम तैयार करने की दिशा में काम करें जो स्वयं ही विद्यार्थियों के लिए देशभर की तमाम प्रतिष्ठित परीक्षाएं आयोजित करने के लिए प्रबंधन कार्य देख पाए।
विद्यार्थियों का आंदोलन अब भी जारी –
जिस तरह से विद्यार्थियों द्वारा कर्मचारी चयन आयोग के साथ ही अन्य परीक्षाओं के आयोजन को लेकर और इस तरह की परीक्षाओं के आयोजन करवाने वाली कंपनियों को लेकर गुस्सा देखने को मिल रहा था वह अब थोड़ा सा अंत नजर आ रहा है लेकिन अभी भी एक अलग ही तरह का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है हालांकि यह अब सोशल मीडिया पर ज्यादा नजर आ रहा है और ग्राउंड पर इस तरह की कोई गतिविधि नहीं नजर आ रही है लेकिन विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार सरकार के साथ देखने को मिल रहा है अब देखना यह होगा कि सरकार क्या बड़ा कदम उठाते हुए विद्यार्थियों के लिए स्वयं एक सिस्टम तैयार करती है जो परीक्षाओं को किसी प्राइवेट हाथों में न देकर विद्यार्थियों की परीक्षाओं का पूरा कार्यभार स्वयं संभालेगी हालांकि अगर ऐसा होता है तो निश्चित रूप से यह एक बड़ी खुशखबरी होगी।