सृजनात्मकता (Creativity)
सृजनात्मकता का अर्थ है नए, मौलिक और उपयोगी विचार उत्पन्न करने की क्षमता। यह केवल कला, चित्रकला या लेखन तक सीमित नहीं होती, बल्कि समस्या-समाधान, नए दृष्टिकोण से सोचने और अनेक संभावनाएँ खोजने की योग्यता से भी जुड़ी होती है। बाल विकास के संदर्भ में सृजनात्मकता एक ऐसी मानसिक प्रक्रिया है जिसमें बच्चा अपने अनुभव, कल्पना और चिंतन का उपयोग कर कुछ नया रचता है। सृजनात्मकता का संबंध मुख्यतः अपसारी चिंतन (Divergent Thinking) से होता है, जहाँ एक समस्या के अनेक संभावित उत्तर हो सकते हैं।
प्राथमिक स्तर पर बच्चे स्वाभाविक रूप से सृजनात्मक होते हैं, लेकिन भय, अत्यधिक नियंत्रण, रटंत शिक्षा और गलतियों पर दंड सृजनात्मकता को दबा देते हैं। बाल-केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा में सृजनात्मकता को विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि यह बच्चों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा, स्वतंत्र सोच और नवाचार की क्षमता विकसित करती है। शिक्षक का कार्य यह है कि वह ऐसा वातावरण बनाए जहाँ बच्चा प्रश्न पूछ सके, कल्पना कर सके और बिना डर के अपने विचार व्यक्त कर सके। गतिविधियाँ, खुली समस्याएँ, कहानी, खेल और परियोजना कार्य सृजनात्मकता को बढ़ाने के प्रभावी साधन हैं।
- सृजनात्मकता का सही अर्थ क्या है?
पहले से बने नियमों का पालन
B. नए और मौलिक विचार उत्पन्न करना
C. केवल कला कौशल
D. रटंत ज्ञान
उत्तर: B
व्याख्या: सृजनात्मकता का मूल भाव नए, मौलिक और उपयोगी विचारों की उत्पत्ति है, न कि केवल नकल या रटंत।
- सृजनात्मक सोच का संबंध मुख्यतः किससे है?
अभिसारी चिंतन (Convergent)
B. अपसारी चिंतन (Divergent)
C. स्मृति
D. अनुशासन
उत्तर: B
व्याख्या: अपसारी चिंतन में एक समस्या के अनेक संभावित समाधान खोजे जाते हैं, जो सृजनात्मक सोच की पहचान है।
- सृजनात्मक बच्चे की प्रमुख विशेषता क्या होती है?
आज्ञाकारिता
B. जिज्ञासा
C. डर
D. मौन
उत्तर: B
व्याख्या: सृजनात्मक बच्चे जिज्ञासु होते हैं और नई चीज़ों को जानने-समझने की इच्छा रखते हैं।
- कक्षा में सृजनात्मकता को सबसे अधिक कौन-सा वातावरण बढ़ावा देता है?
भय आधारित
B. दंडात्मक
C. स्वतंत्र और सहयोगात्मक
D. अत्यधिक प्रतिस्पर्धी
उत्तर: C
व्याख्या: स्वतंत्र और सहयोगात्मक वातावरण में बच्चा बिना डर के सोचता और नए विचार व्यक्त करता है।
- निम्न में से कौन-सी गतिविधि सृजनात्मकता को बढ़ाती है?
रटंत प्रश्न
B. खुले अंत वाले प्रश्न
C. केवल सही-गलत प्रश्न
D. लिखित परीक्षा
उत्तर: B
व्याख्या: खुले अंत वाले प्रश्न बच्चों को अनेक संभावनाओं पर सोचने का अवसर देते हैं।
- सृजनात्मकता का विकास किस स्तर पर सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है?
वयस्क अवस्था
B. प्राथमिक अवस्था
C. वृद्धावस्था
D. केवल उच्च शिक्षा
उत्तर: B
व्याख्या: प्राथमिक अवस्था में बच्चों की कल्पनाशक्ति और सोच सर्वाधिक सक्रिय होती है, इसलिए यही सृजनात्मकता के विकास का उपयुक्त समय है।
- शिक्षक सृजनात्मकता को कब दबा देता है?
चर्चा कराकर
B. प्रश्न पूछने देकर
C. गलतियों पर दंड देकर
D. गतिविधियाँ देकर
उत्तर: C
व्याख्या: गलतियों पर दंड देने से बच्चा डरने लगता है और नए प्रयोग करने से बचता है।
- सृजनात्मकता का मूल्यांकन सबसे उपयुक्त रूप से कैसे किया जा सकता है?
केवल लिखित परीक्षा
B. गतिविधि और प्रदर्शन के माध्यम से
C. रैंकिंग द्वारा
D. मौखिक याददाश्त से
उत्तर: B
व्याख्या: सृजनात्मकता व्यवहार, प्रदर्शन और गतिविधियों में अधिक स्पष्ट दिखाई देती है।
- सृजनात्मक बच्चे प्रायः
एक ही उत्तर देते हैं
B. अनेक उत्तर सुझाते हैं
C. चुप रहते हैं
D. नियमों से डरते हैं
उत्तर: B
व्याख्या: सृजनात्मक सोच अनेक वैकल्पिक समाधानों की ओर ले जाती है।
- सृजनात्मकता और शिक्षा का सही संबंध क्या है?
सृजनात्मकता शिक्षा में बाधा है
B. सृजनात्मकता केवल कला तक सीमित है
C. सृजनात्मकता सीखने को अर्थपूर्ण बनाती है
D. सृजनात्मकता केवल प्रतिभाशाली बच्चों में होती है
उत्तर: C
व्याख्या: सृजनात्मकता सीखने को जीवंत, अर्थपूर्ण और स्थायी बनाती है।