चांदी और सोना रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँचे –
भारत के कमोडिटी बाजार में गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को चांदी (सिल्वर) और सोना (गोल्ड) ने इतिहास रच दिया। *एमसीएक्स* (Multi Commodity Exchange) पर चांदी वायदा कीमत पहली बार ₹4,00,000 प्रति किलोग्राम के पार पहुँच गया है, जो अबतक का उच्चतम स्तर है। वहीं सोने की वायदा कीमत भी ₹1,80,000 प्रति 10 ग्राम के पार पहुँचते हुए एक नया सर्वकालिक उच्च रिकॉर्ड बनाया है।
चांदी की जबरदस्त तेजी और बीते कुछ दिनों का रुझान –
एमसीएक्स पर चांदी के वायदा सौदों ने पिछले कुछ सत्रों में तेजी से उछाल लिया है। जनवरी की शुरुआत में चांदी का भाव लगभग ₹2,39,000 प्रति किलोग्राम से शुरुआत हुआ था और अब सिर्फ एक महीने में यह ₹4,00,000 से भी ऊपर पहुँच गया है। यह करीब 70% से अधिक की वृद्धि है, जो निवेशकों और व्यापारी समुदाय के लिए बेहद उल्लेखनीय है।
सोने में भी रैली जारी –
सोने के वायदा भी इसी तरह तेजी के साथ ऊपर बढ़े हैं। फरवरी और अप्रैल एक्सपायरी के सोने के वायदा क्रमशः ₹1,80,500 से ज़्यादा और ₹1,93,000 तक पहुँच गए, जो दोनों ही नये सर्वकालिक उच्च स्तर हैं। इस तेजी का असर स्थानीय भौतिक बाजार पर भी देखा जा रहा है, जहाँ सोने के भाव में भी वृद्धि देखी जा रही है।
तेजी के पीछे के कारण –
विश्लेषकों के मुताबिक इस बुल रन के कई प्रमुख कारण हैं। वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं की माँग लगातार बनी हुई है और *सुरक्षा निवेश* (safe-haven demand) के चलते निवेशक सोना और चांदी जैसी धातुओं की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। साथ ही, यूएस *फेडरल रिज़र्व* द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने और कमजोर अमेरिकी डॉलर ने भी इन धातुओं की कीमतों को और धक्का दिया है। वैश्विक राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित परिसंपत्तियों की तलाश तेज कर दी है, जिससे सोना और चांदी के दामों में उछाल आया है।
निवेशकों के लिए संदेश और सुझाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बाजार में निवेश करते समय सतर्कता बरतनी चाहिए। उच्च उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों को रणनीतिक रूप से सोना-चांदी में प्रवेश करना चाहिए, जिसमें जोखिम प्रबंधन, समयबद्ध निवेश और सही मार्केट संकेतों का अध्ययन शामिल है। कुछ सलाहकार यह भी कह रहे हैं कि निवेशकों को मंदी का लाभ उठाते हुए संतुलित तरीके से खरीदारी करनी चाहिए और अत्यधिक मूल्य स्तर पर तुरंत निवेश से बचना चाहिए।
वैश्विक बाजार की ताजा स्थिति
वैश्विक स्तर पर भी सोना और चांदी की कीमतें उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। *कॉमेक्स* (COMEX) पर सोने और चांदी दोनों की कीमतों में निरंतर बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसके चलते भारतीय बाजारों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। वैश्विक निवेशकों के बीच सुरक्षित धातुओं की मांग बढ़ी है, जो इस बुलिश ट्रेंड को और समर्थन दे रही है।
निष्कर्ष –
भारत में चांदी और सोने की कीमतों ने नए उच्च स्तर तक पहुंचकर निवेशकों को चौंका दिया है। यह तेजी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अचानक बढ़ी मांग, सुरक्षित निवेश की चाह और वैश्विक आर्थिक संकेतों के कारण आई है। निवेशकों को इस ऐतिहासिक रैली को देखते हुए जोख़िम-आधारित रणनीतियों पर ध्यान देना चाहिए और समझदारी से अपने निवेश का निर्णय लेना चाहिए।67