देश की राजधानी नई दिल्ली से प्रकाशित एक समाचार के अनुसार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आम बजट 2026-27 के संदर्भ में महंगाई पर हुई सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा है कि “हमने महंगाई पर नियंत्रण पा लिया है।” उन्होंने यह बयान रविवार को बजट पेश होने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में दिया। सिंधिया ने कहा कि पिछले कुछ समय में महंगाई दर में स्थिरता आई है और सरकार ने आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
आर्थिक विकास और बजट की अहमियत
सिंधिया ने यह भी बताया कि भारत ने पिछले कुछ वर्षो में करीब 7.5 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर** दर्ज की है और देश वर्तमान में विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करना और आर्थिक वृद्धि को आगे बढ़ाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएँ रहीं। सिंधिया के अनुसार बजट 2026 एक ऐसा दस्तावेज़ है जो हर नागरिक के विकास को ध्यान में रखता है और देश को भविष्य के आर्थिक लक्ष्यों की ओर अग्रसर करता है। 1
सरकार द्वारा उठाए गए कदम –
सिंधिया ने बजट 2026 के कई पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर आधारित है और इसमें दूरसंचार, पूर्वोत्तर क्षेत्र और बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पूंजीगत व्यय में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जिससे विकास के कामों को बल मिला है। दोनों आर्थिक वृद्धि तथा महंगाई नियंत्रण के संकेत सरकार को और आत्मविश्वास प्रदान कर रहे हैं।
राजनीति और विपक्ष की प्रतिक्रिया –
महंगाई पर नियंत्रण का सरकार का दावा विपक्ष द्वारा भी सवालों के दायरे में लाया गया है। जबकि मोदी सरकार महंगाई को नियंत्रित रखने का दावा करती है, विपक्षी पार्टियाँ इसे चुनौती देती हैं और महंगाई तथा रोजगार जैसे मुद्दों पर अपनी आलोचना जारी रखती हैं। उदाहरण के तौर पर कांग्रेस नेता आर्थिक मुद्दों पर सरकार की नीतियों की आलोचना करते नजर आए हैं।
भविष्य की चुनौतियाँ और उम्मीदें –
विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई नियंत्रण में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन आने वाले समय में मुद्रा स्फीति को स्थिर रखने के लिए लगातार निगरानी और नीति सुधार की आवश्यकता है। बजट 2026 के माध्यम से सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने के साथ-साथ विकास की गति को भी तेज करना चाहती है। इसके तहत कई नीतिगत उपायों और निवेश योजनाओं को शामिल किया गया है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक लाभ अपेक्षित है।