देश में बेरोज़गार युवा और नौकरी की तलाश कर रहे लोग जान लें कि अब व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से भेजे जा रहे “जॉब ऑफ़र” लिंक कई मामलों में धोखाधड़ी साबित हो रहे हैं। साइबर अपराधियों की यह नई तरकीब रोज़गार चाहने वालों को आकर्षक पगार, आसान काम और घर बैठे कमाई का लालच देकर उन्हें फँसाती है। शुरुआती तौर पर सरल टास्क करने पर थोड़ी रकम मिलने के बाद आगे उन्हें पैसे जमा करने के लिए कहा जाता है, और असली जॉब कभी नहीं मिलती।
कैसे होती है यह धोखाधड़ी?! –
इन फ्रॉड स्कीम्स का तरीका अक्सर एक जैसा होता है। यूज़र को एक लिंक भेजा जाता है जिसमें “वर्क-फ्रॉम-होम”, “हाई सैलरी” या “इंटरव्यू शॉर्टलिस्ट” जैसा संदेश होता है। उसके बाद बातचीत सीधे व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर होती है और शुरुआत में मामूली जीत दिखाई जाती है — जैसे कुछ रुपये मिलना — जिससे भरोसा जागता है। इसके बाद वे आपको “विशेष प्रोमोशन”, “अपग्रेड प्लान” या “इंवेस्टमेंट के लिए पैसे जमा करवाना” कहते हैं, और यह असली धोखाधड़ी का भाग है। कई मामलों में पीड़ितों ने लाखों रुपये तक खो दिए हैं।
उदाहरण: लाखों का नुकसान –
उत्तर भारत के एक व्यक्ति ने केवल एक व्हाट्सएप मेसेज के जवाब में शुरूआत करके कुल ₹11.77 लाख से अधिक का नुकसान उठाया** जब साइबर अपराधियों ने शुरू में काम के पैसे दिए और फिर निवेश करने को कहा। पीड़ित ने UPI और क्रेडिट कार्ड के ज़रिये लगातार भुगतान किए, लेकिन पैसे वापस नहीं मिले। अधिकारी ने मामला दर्ज किया और जांच चल रही है।
धोखाधड़ी से बचने के सुझाव –
किसी भी नौकरी ऑफ़र को आधिकारिक कंपनी वेबसाइट या सीधा ई-मेल डोमेन से वेरिफाई करें।
जो भी संदेश व्हाट्सएप/टेलीग्राम पर आता है, उसे सीधे भरोसा न करे — especially अगर उसमें पैसे जमा करने के लिए कहा गया हो।
किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसे *साइबरसिक्योरिटी से जाँचे खतरनाक/अनजान डोमेन के लिंक हमेशा संदिग्ध होते हैं।
अगर आपको लगता है कि कोई ऑफ़र बहुत अच्छा लगता है, तो वह शायद धोखाधड़ी ही है।
सरकारी चेतावनी और रिपोर्टिंग –
साइबर अपराध से जुड़े मामलों को रिपोर्ट करने के लिए भारत में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और cybercrime.gov.in जैसी आधिकारिक वेबसाइटें उपलब्ध हैं। शिकायत दर्ज कराना पीड़ितों को आगे के वित्तीय नुकसान से बचा सकता है। इसके अलावा, पुलिस और सरकारी एजेंसियों द्वारा समय-समय पर जालसाज़ी वाली वेबसाइटों और लिंक के बारे में चेतावनी जारी की जाती है।