प्रथम कृषक और पशुपालक
शिकारी-संग्रहकर्ता जीवन के बाद मानव इतिहास में एक बड़ा परिवर्तन तब आया जब मनुष्य ने भोजन का उत्पादन करना सीख लिया। इस चरण में मानव ने पौधों को उगाना और जानवरों को पालना शुरू किया, इसलिए उसे कृषक और पशुपालक कहा गया। कृषि और पशुपालन के विकास से मानव का जीवन अधिक स्थिर हो गया और वह एक ही स्थान पर लंबे समय तक रहने लगा। इस परिवर्तन के पीछे पर्यावरणीय परिस्थितियाँ, जल की उपलब्धता, बीजों और पशुओं का ज्ञान तथा अनुभव की भूमिका थी। कृषि के साथ मिट्टी के बर्तन, अनाज का भंडारण और नई तकनीकों का विकास हुआ, जबकि पशुपालन से दूध, मांस और श्रम की उपलब्धता बढ़ी। इस काल की जानकारी मुख्यतः पुरातात्विक साक्ष्यों जैसे औज़ार, अनाज के अवशेष, पशुओं की हड्डियाँ और निवास स्थलों से प्राप्त होती है।
10 MCQs
1. शिकारी-संग्रहकर्ता जीवन से कृषक जीवन में परिवर्तन का सबसे महत्वपूर्ण कारण क्या था?
A. युद्धों की वृद्धि
B. भोजन की अनिश्चित उपलब्धता
C. भोजन के उत्पादन की खोज
D. व्यापार का विकास
उत्तर: C
व्याख्या: जब मानव ने पौधों को उगाना और जानवरों को पालना सीख लिया, तब भोजन का उत्पादन संभव हुआ और जीवन-शैली में मूलभूत परिवर्तन आया।
2. कृषि के विकास का मानव जीवन पर सबसे प्रत्यक्ष प्रभाव क्या पड़ा?
A. घुमंतू जीवन का विस्तार
B. स्थायी जीवन की शुरुआत
C. शिकार में वृद्धि
D. युद्धों की संख्या में वृद्धि
उत्तर: B
व्याख्या: खेती के कारण मानव को एक ही स्थान पर रहना पड़ा, जिससे स्थायी बस्तियों की नींव पड़ी।
3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
कथन 1: कृषि के विकास से अनाज का भंडारण संभव हुआ।
कथन 2: अनाज के भंडारण से भविष्य की खाद्य सुरक्षा बढ़ी।
A. केवल कथन 1 सही है
B. केवल कथन 2 सही है
C. दोनों सही हैं
D. दोनों गलत हैं
उत्तर: C
व्याख्या: खेती से अतिरिक्त उत्पादन हुआ और भंडारण ने मानव को भोजन की अनिश्चितता से राहत दी।
4. पशुपालन के विकास से मानव को कौन-सा लाभ प्राप्त हुआ?
A. केवल धार्मिक लाभ
B. केवल आवास की सुविधा
C. भोजन और श्रम दोनों की उपलब्धता
D. केवल व्यापार का विकास
उत्तर: C
व्याख्या: पशुओं से दूध, मांस और खेती के लिए श्रम मिला, जिससे जीवन अधिक सुविधाजनक हुआ।
5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
1. कृषि के विकास से मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग बढ़ा।
2. मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग केवल धार्मिक कार्यों के लिए होता था।
3. बर्तन अनाज और पानी के भंडारण में सहायक थे।
सही उत्तर चुनिए—
A. केवल 1
B. केवल 1 और 3
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
उत्तर: B
व्याख्या: मिट्टी के बर्तन दैनिक जीवन और भंडारण से जुड़े थे, न कि केवल धार्मिक कार्यों से।
6. अभिकथन: कृषि और पशुपालन के विकास से सामाजिक जीवन में परिवर्तन आया।
कारण: स्थायी जीवन ने आपसी सहयोग और श्रम विभाजन को बढ़ावा दिया।
A. दोनों सही हैं और कारण सही व्याख्या करता है
B. दोनों सही हैं, पर कारण व्याख्या नहीं करता
C. अभिकथन सही, कारण गलत
D. अभिकथन गलत, कारण सही
उत्तर: A
व्याख्या: स्थायी बस्तियों में रहने से सामाजिक संबंध और कार्य-विभाजन विकसित हुआ।
7. यदि किसी स्थल से जले हुए अनाज के दाने और मिट्टी के बर्तन मिले हों, तो इससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
A. वह स्थल शिकारी-संग्रहकर्ताओं का था
B. वहाँ केवल पशुपालन होता था
C. वहाँ कृषि का विकास हो चुका था
D. वह स्थल धार्मिक केंद्र था
उत्तर: C
व्याख्या: अनाज और बर्तन खेती और भंडारण के स्पष्ट संकेत हैं।
8. कृषि की शुरुआत के साथ मानव और पर्यावरण के संबंध में क्या परिवर्तन आया?
A. मानव पर्यावरण पर पूरी तरह निर्भर रहा
B. मानव ने पर्यावरण को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया
C. मानव ने पर्यावरण के साथ सक्रिय हस्तक्षेप शुरू किया
D. मानव ने पर्यावरण से संपर्क समाप्त कर दिया
उत्तर: C
व्याख्या: खेती में मानव ने भूमि, जल और पौधों के उपयोग में सक्रिय भूमिका निभाई।
9. प्रथम कृषकों के औज़ारों में परिवर्तन किस बात का संकेत देता है?
A. तकनीकी विकास और नए कार्यों की आवश्यकता
B. धार्मिक विश्वासों की वृद्धि
C. युद्धों की शुरुआत
D. नगरों का पतन
उत्तर: A
व्याख्या: खेती के लिए नए प्रकार के औज़ार आवश्यक थे, जिससे तकनीक में सुधार हुआ।
10. कृषक और पशुपालक जीवन-शैली को मानव इतिहास में क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
A. इससे केवल भोजन की मात्रा बढ़ी
B. इससे स्थायी बस्तियों और सामाजिक संरचना की नींव पड़ी
C. इससे केवल व्यापार का विकास हुआ
D. इससे राजाओं का उदय हुआ
उत्तर: B
व्याख्या: कृषि और पशुपालन ने स्थायी जीवन, सामाजिक संगठन और आगे चलकर सभ्यताओं के विकास का मार्ग प्रशस्त किया।