प्रथम नगर
कृषि और पशुपालन के विकास के बाद मानव समाज में एक और बड़ा परिवर्तन नगरों के उदय के रूप में दिखाई देता है। जब कृषि उत्पादन बढ़ा और अतिरिक्त अनाज उपलब्ध होने लगा, तब सभी लोग भोजन उत्पादन में सीधे शामिल नहीं रहे। इससे शिल्पकार, व्यापारी, प्रशासक और अन्य विशिष्ट कार्य करने वाले वर्ग उभरे। इसी प्रक्रिया से प्रथम नगरों का विकास हुआ। ये नगर प्रायः नदियों के किनारे बसे क्योंकि वहाँ जल, उपजाऊ भूमि और परिवहन की सुविधा थी। नगरों में योजनाबद्ध सड़कें, पक्के मकान, जल निकासी व्यवस्था, भंडारण गृह और व्यापारिक गतिविधियाँ देखने को मिलती हैं। नगर केवल रहने के स्थान नहीं थे, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र भी थे। प्रथम नगरों की जानकारी मुख्यतः पुरातात्विक साक्ष्यों जैसे भवन अवशेष, मुहरें, वजन-माप के उपकरण और शिल्प वस्तुओं से प्राप्त होती है।
10 MCQs
1. मानव इतिहास में नगरों के उदय का सबसे प्रमुख आधार क्या था?
A. युद्धों की वृद्धि
B. अतिरिक्त कृषि उत्पादन
C. पशुपालन का अंत
D. शिकार की कमी
उत्तर: B
व्याख्या: अतिरिक्त कृषि उत्पादन के कारण सभी लोगों को भोजन उत्पादन में लगे रहने की आवश्यकता नहीं रही, जिससे नगरों का विकास संभव हुआ।
2. प्रथम नगर प्रायः नदियों के किनारे क्यों बसे?
A. धार्मिक कारणों से
B. सुरक्षा के कारण
C. जल, उपजाऊ भूमि और परिवहन की सुविधा के कारण
D. केवल संयोगवश
उत्तर: C
व्याख्या: नदियाँ जल उपलब्ध कराती थीं, भूमि उपजाऊ होती थी और जलमार्ग परिवहन में सहायक थे।
3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
कथन 1: नगरों के विकास से कार्य-विभाजन बढ़ा।
कथन 2: नगरों में सभी लोग कृषि कार्य करते थे।
A. केवल कथन 1 सही है
B. केवल कथन 2 सही है
C. दोनों सही हैं
D. दोनों गलत हैं
उत्तर: A
व्याख्या: नगरों में शिल्पकार, व्यापारी और प्रशासक जैसे अलग-अलग वर्ग विकसित हुए।
4. नगरों में विकसित जल निकासी व्यवस्था किस बात का संकेत देती है?
A. धार्मिक गतिविधियों का
B. तकनीकी ज्ञान और योजनाबद्ध जीवन का
C. सैन्य शक्ति का
D. प्राकृतिक आपदाओं का
उत्तर: B
व्याख्या: जल निकासी व्यवस्था नगर नियोजन और तकनीकी समझ को दर्शाती है।
5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
1. नगरों में व्यापार का विकास हुआ।
2. व्यापार के लिए मानकीकृत वजन और माप की आवश्यकता पड़ी।
3. वजन और माप केवल धार्मिक अनुष्ठानों में प्रयुक्त होते थे।
सही उत्तर चुनिए—
A. केवल 1
B. केवल 1 और 2
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
उत्तर: B
व्याख्या: व्यापार के लिए सही माप-तौल आवश्यक थी, धार्मिक उपयोग इसका मुख्य उद्देश्य नहीं था।
6. अभिकथन: नगरों का विकास सामाजिक संरचना में परिवर्तन का संकेत देता है।
कारण: नगरों में विभिन्न व्यवसायों और वर्गों का उदय हुआ।
A. दोनों सही हैं और कारण सही व्याख्या करता है
B. दोनों सही हैं, पर कारण व्याख्या नहीं करता
C. अभिकथन सही, कारण गलत
D. अभिकथन गलत, कारण सही
उत्तर: A
व्याख्या: नगरों में रहने से सामाजिक वर्गीकरण और कार्य-विभाजन स्पष्ट हुआ।
7. यदि किसी स्थल से मुहरें, शिल्प वस्तुएँ और पक्के मकानों के अवशेष मिलें, तो उससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
A. वह स्थल शिकारी-संग्रहकर्ताओं का था
B. वह स्थल केवल कृषक बस्ती था
C. वह स्थल एक नगर था
D. वह स्थल धार्मिक केंद्र था
उत्तर: C
व्याख्या: ये सभी अवशेष नगरीय जीवन की विशेषताएँ हैं।
8. नगरों के उदय से ग्रामीण जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?
A. ग्रामीण जीवन पूरी तरह समाप्त हो गया
B. नगर और गाँव के बीच आर्थिक संबंध विकसित हुए
C. कृषि का महत्व समाप्त हो गया
D. शिकार फिर से प्रमुख बन गया
उत्तर: B
व्याख्या: गाँव कृषि उत्पादन करते थे और नगर उनके उत्पादों के उपभोक्ता और व्यापार केंद्र बने।
9. नगरों को मानव सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
A. क्योंकि वहाँ केवल बड़े भवन थे
B. क्योंकि वे सांस्कृतिक, आर्थिक और प्रशासनिक केंद्र बने
C. क्योंकि वहाँ केवल राजा रहते थे
D. क्योंकि वहाँ युद्ध होते थे
उत्तर: B
व्याख्या: नगरों ने जटिल सामाजिक और आर्थिक संरचना को जन्म दिया।
10. प्रथम नगरों के अध्ययन से मानव इतिहास के बारे में क्या समझ विकसित होती है?
A. मानव केवल प्रकृति पर निर्भर था
B. मानव ने संगठित और योजनाबद्ध जीवन की ओर कदम बढ़ाया
C. मानव का जीवन सरल हो गया
D. मानव ने तकनीक का प्रयोग छोड़ दिया
उत्तर: B
व्याख्या: नगरों का विकास मानव समाज के संगठित और जटिल होने का स्पष्ट संकेत है।