स्वतंत्रता के बाद भारत
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक नए राष्ट्र के रूप में स्वयं को संगठित और मजबूत करना था। देश को राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की दिशा में आगे बढ़ना था। स्वतंत्रता के साथ ही भारत ने लोकतांत्रिक शासन प्रणाली को अपनाया और संविधान के माध्यम से नागरिकों को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी दी गई। रियासतों का एकीकरण, प्रशासनिक ढाँचे का निर्माण, योजना आधारित आर्थिक विकास, शिक्षा का विस्तार और सामाजिक असमानताओं को कम करने के प्रयास इस काल की प्रमुख विशेषताएँ रहीं। स्वतंत्रता के बाद भारत ने विविधता के बावजूद एकता बनाए रखने का प्रयास किया और लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता तथा सामाजिक समावेशन को अपने विकास का आधार बनाया।
10 MCQs
1. स्वतंत्रता के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी तत्काल चुनौती क्या थी?
A. औद्योगीकरण
B. रियासतों का एकीकरण और राजनीतिक स्थिरता
C. विदेश व्यापार
D. सांस्कृतिक विकास
उत्तर: B
व्याख्या: स्वतंत्रता के समय भारत अनेक रियासतों और क्षेत्रों में विभाजित था, जिन्हें एकीकृत करना आवश्यक था।
2. स्वतंत्रता के बाद भारत ने किस प्रकार की शासन व्यवस्था को अपनाया?
A. राजतंत्र
B. सैन्य शासन
C. लोकतांत्रिक शासन
D. धार्मिक शासन
उत्तर: C
व्याख्या: भारत ने लोकतंत्र को अपनाकर जनता की भागीदारी पर आधारित शासन प्रणाली विकसित की।
3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
कथन 1: संविधान ने नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान किए।
कथन 2: संविधान का समाज से कोई संबंध नहीं था।
A. केवल कथन 1 सही है
B. केवल कथन 2 सही है
C. दोनों सही हैं
D. दोनों गलत हैं
उत्तर: A
व्याख्या: संविधान सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक जीवन का आधार बना।
4. योजना आधारित आर्थिक विकास अपनाने का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A. केवल निजी लाभ
B. संतुलित और समावेशी विकास
C. केवल कृषि का विकास
D. केवल नगरों का विस्तार
उत्तर: B
व्याख्या: योजनाओं के माध्यम से संसाधनों का समान उपयोग और विकास लक्ष्य निर्धारित किए गए।
5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
स्वतंत्रता के बाद शिक्षा के विस्तार पर बल दिया गया।
शिक्षा का सामाजिक विकास से कोई संबंध नहीं था।
शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का साधन माना गया।
सही उत्तर चुनिए—
A. केवल 1
B. केवल 1 और 3
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
उत्तर: B
व्याख्या: शिक्षा को जागरूक और सक्षम नागरिक बनाने का माध्यम माना गया।
6. अभिकथन: स्वतंत्रता के बाद भारत ने सामाजिक न्याय को एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बनाया।
कारण: ऐतिहासिक असमानताओं को कम करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए।
A. दोनों सही हैं और कारण सही व्याख्या करता है
B. दोनों सही हैं, पर कारण व्याख्या नहीं करता
C. अभिकथन सही, कारण गलत
D. अभिकथन गलत, कारण सही
उत्तर: A
व्याख्या: समानता और समावेशन लोकतांत्रिक भारत की बुनियाद बने।
7. विविधता के बावजूद भारत ने राष्ट्रीय एकता कैसे बनाए रखने का प्रयास किया?
A. केवल सैन्य शक्ति से
B. लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और संघीय व्यवस्था से
C. केवल आर्थिक नियंत्रण से
D. केवल सांस्कृतिक एकरूपता से
उत्तर: B
व्याख्या: विविध भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों को सम्मान देकर एकता बनाए रखने का प्रयास हुआ।
8. स्वतंत्रता के बाद प्रशासनिक ढाँचे के निर्माण का उद्देश्य क्या था?
A. केवल नियंत्रण बढ़ाना
B. शासन को प्रभावी और उत्तरदायी बनाना
C. केवल कर वसूली
D. केवल कानून लागू करना
उत्तर: B
व्याख्या: एक संगठित प्रशासन से लोकतांत्रिक शासन को मजबूती मिली।
9. स्वतंत्रता के बाद भारत के लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या रही?
A. केवल चुनाव
B. नागरिकों की भागीदारी और अधिकार
C. केवल न्यायपालिका
D. केवल केंद्र सरकार की शक्ति
उत्तर: B
व्याख्या: लोकतंत्र की आत्मा नागरिकों की सक्रिय भागीदारी में निहित है।
10. स्वतंत्रता के बाद भारत के अध्ययन से क्या समझ विकसित होती है?
A. राष्ट्र निर्माण एक लंबी और सतत प्रक्रिया है
B. स्वतंत्रता के साथ सभी समस्याएँ समाप्त हो गईं
C. लोकतंत्र सरल प्रक्रिया है
D. समाज में कोई चुनौती नहीं रही
उत्तर: A
व्याख्या: स्वतंत्रता के बाद भारत ने निरंतर प्रयासों और सुधारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रगति की।