MPPSC Protest : इंदौर में MPPSC अभ्यर्थी इन दिनों ठंड के बीच MPPSC कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के नेतृत्व में “न्याय यात्रा 2.0” के तहत यह प्रदर्शन चल रहा है, जिसे हाई कोर्ट ने अनुमति दी है (आर्टिकल 19 के तहत WP 3 2025-2026 केस में)। छात्रों का आरोप है कि मोहन यादव सरकार ने पिछले वादों का पालन नहीं किया, जिससे उनकी मांगें पूरी नहीं हो रही हैं।
मुख्य मांगें:
– इंटरव्यू के अंक 185 से घटाकर 100 किए जाएं।
– 873 फॉर्मूला खत्म किया जाए।
– 100 पदों का रिजल्ट जारी हो।
– स्टेट सर्विस एग्जाम में पद 155 से बढ़ाकर 700 और इंजीनियरिंग सर्विस में 29 से 400 किए जाएं।
– 2019 से रोके गए 13% पद जारी हों।
– मेन्स की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच हो।
– UPSC की तरह 1 साल में सिलेक्शन पूरा हो।
– परीक्षा के लिए सिर्फ ₹100 का वन-टाइम फीस हो।
– 2026 में स्टेट फॉरेस्ट सर्विस के 100 पदों की नोटिफिकेशन जारी हो।
– UR, OBC और EWS कैटेगरी के लिए परीक्षा केंद्र चुनने की सुविधा हो।
पुराने धरने पर डालिये नज़र
पिछले दिसंबर 2024 में भी प्रदर्शन हुआ था, तब मुख्यमंत्री और MPPSC से आश्वासन मिलने के बाद खत्म हुआ, लेकिन सिर्फ दो मांगें (नेगेटिव मार्किंग और सरनेम हटाने की) पूरी हुईं। जुलाई और अक्टूबर-नवंबर 2024 में मेमोरेंडम देने पर छात्रों पर FIR भी हुई।
26 जनवरी 2026 को पुलिस की भारी मौजूदगी है और छात्रों पर दबाव बनाने के आरोप लग रहे हैं। अभ्यर्थी 2-3 साल से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन हर साल पद घट रहे हैं। छात्र सरकार से अपील कर रहे हैं कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार हो और वास्तविक समाधान दिया जाए।
लगातार एकजुट हो रहे युवा
देशभर के युवाओं में एक भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और यह सही समय है जब भी युवाओं में एकता जरूरी नजर आ रही है। सरकार लगातार युवाओं की भविष्य के साथ खिलवाड़ करती नजर आ रही है और ऐसे में युवाओं का एकजुट होना बेहद आवश्यक हो चुका है। फिलहाल हम इस खबर पर नजर बनाए हुए हैं और आप तक हर महत्वपूर्ण अपडेट लेकर आते रहेंगे।