10वीं बटालियन सशस्त्र सीमा बल (10Bn SSB) द्वारा कश्मीर घाटी के युवाओं के लिए आयोजित एक 31 दिनों के व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन श्रीनगर में हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करना और उनकी रोजगार संभावनाओं को बढ़ाना था। कार्यक्रम को Saving the Future NGO और International Institute of Professional Studies (IIPS), श्रीनगर के सहयोग से आयोजित किया गया था। ट्रेनिंग में स्थानीय युवाओं को **डोमेस्टिक डेटा एंट्री ऑपरेटर और मोबाइल मरम्मत (मोबाइल रिपेयरिंग) जैसे व्यावसायिक कौशल सिखाए गए। इस कार्यक्रम में कुल 50 युवाओं ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य और फोकस –
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से उन युवा प्रतिभागियों पर केंद्रित था जो तकनीकी कौशल सीखकर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। आज के प्रतिस्पर्धी रोजगार परिदृश्य में यह कौशल उन्हें विभिन्न रोजगार क्षेत्रों में अवसर प्रदान करेगा। डोमेस्टिक डेटा एंट्री ऑपरेटर कोर्स से कंप्यूटर आधारित कामों को समझने और डेटा प्रबंधन में दक्षता हासिल करने में मदद मिली, जबकि मोबाइल रिपेयरिंग कोर्स से तकनीकी मरम्मत तथा सेवा कौशल विकसित हुआ। ऐसे कौशल उन्हें न केवल रोजगार पाने में सहयोग देंगे, बल्कि स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान करेंगे।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि और विशिष्ट उपस्थितियाँ –
समापन समारोह 10Bn SSB, श्रीनगर मुख्यालय में आयोजित किया गया, जहाँ कमांडेंट, 10Bn SSB मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुस्तक गिलानी (डायरेक्टर, IIPS), डॉक्टर शेख साहील अहमद (एसिस्टेंट प्रोफेसर, इस्लामिया कॉलेज ऑफ साइंस एवं कॉमर्स, मारिया (Saving The Future NGO), डॉ. तौसीफ़ अहमद (एमडी, IIPS), र याज़ अहमद (फैकल्टी – हार्डवेयर) तथा इकरा अमीन (काउंसलर, IIPS) सहित अन्य विशेषज्ञ तथा शिक्षकगण उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी गई और आगे की योजनाओं के लिए प्रोत्साहित किया गया।
युवाओं की कौशल क्षमता में वृद्धि –
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं में नए कौशल सीखने और आत्मविश्वास विकसित करने की भावना को बढ़ावा मिला। आज की युवा पीढ़ी के लिए तकनीकी कौशल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, खासकर जब वह स्वरोजगार और स्वयं की पहचान बनाना चाहते हैं। ऐसे प्रशिक्षण से प्रशिक्षार्थियों का रोजगार संभावनाओं के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक क्षमता भी सुदृढ़ होती है। साथ ही, इस तरह के कार्यक्रम समाज के आर्थिक विकास और तकनीकी उन्नति में योगदान देते हैं।
भविष्य में प्रशिक्षण और कौशल कार्यक्रमों की भूमिका –
योग्य और प्रशिक्षित युवा किसी भी क्षेत्र की प्रगति के लिए आवश्यक होते हैं। केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही स्किल इंडिया मिशन जैसी पहलों से युवाओं को व्यावसायिक कौशल प्राप्त करने में व्यापक सहायता मिल रही है। इसी तरह की पहलें न केवल युवाओं को रोजगार देती हैं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के मार्ग पर अग्रसर करती हैं। इस कार्यक्रम के सफल समापन से उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में ऐसे और भी प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय युवाओं के लिए आयोजित किए जाएंगे।