डेली टॉपिक आधारित प्रैक्टिस (15 दिसंबर 2025)

भारत में पंचायती राज व्यवस्था :

पंचायती राज व्यवस्था भारत में ग्रामीण स्वशासन की आधारशिला है। इसका उद्देश्य गांव स्तर पर जनता की भागीदारी से प्रशासन और विकास कार्यों को संचालित करना है। संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया गया। इसके तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की त्रि-स्तरीय व्यवस्था लागू की गई।

पंचायती राज के प्रमुख उद्देश्य:
• ग्रामीण विकास को गति देना
• स्थानीय समस्याओं का समाधान
• लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक पहुँचाना
• महिलाओं और कमजोर वर्गों को प्रतिनिधित्व देना
• प्रशासन में पारदर्शिता लाना

पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कम से कम 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इन संस्थाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और ग्रामीण रोजगार जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। पंचायती राज व्यवस्था ने ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) :
प्रश्न 1 : पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन से मिला?
A. 42वाँ संशोधन
B. 44वाँ संशोधन
C. 73वाँ संशोधन
D. 74वाँ संशोधन

प्रश्न 2 : पंचायती राज व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. शहरी विकास
B. सैन्य प्रशासन
C. ग्रामीण स्वशासन
D. न्यायिक सुधार

प्रश्न 3 : त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में सबसे निचला स्तर कौन-सा है?
A. जिला परिषद
B. पंचायत समिति
C. ग्राम पंचायत
D. नगर पालिका

प्रश्न 4 : पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कितना आरक्षण है?
A. 20%
B. 25%
C. 33%
D. 50%

प्रश्न 5 : पंचायती राज संस्थाओं को किस क्षेत्र में भूमिका नहीं दी गई है?
A. शिक्षा
B. स्वास्थ्य
C. ग्रामीण रोजगार
D. विदेश नीति

उत्तर (Answer) :

1 — C
2 — C
3 — C
4 — C
5 — D

Leave a Comment

WordPress Emporium Gaia - Agriculture & Organic Farming Elementor Template Kit Gainlove – Nonprofit Charity WordPress Theme Galatia – Contemporary Agency WordPress Theme Galax – eCommerce Multi-Purpose WordPress Theme Galaxy Funder – WooCommerce Crowdfunding System Galicia – Restaurant WordPress Theme Galleria Storefront WooCommerce Theme Gallery Plugins Bundle Gallery Plugins Bundle Gallery Studio – WordPress Image & Video Gallery