भारत का निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) :
भारत का निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसका मुख्य कार्य देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है। इसकी स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी, इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत गठित किया गया है। यह लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों का संचालन करता है।
निर्वाचन आयोग में एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त होते हैं। आयोग को मतदाता सूची तैयार करने, चुनाव चिन्ह आवंटित करने, आचार संहिता लागू करने और चुनावी विवादों की निगरानी करने की शक्ति प्राप्त है। चुनाव के दौरान यह राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों पर समान नियम लागू करता है, जिससे लोकतंत्र की निष्पक्षता बनी रहती है।
निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। आयोग के कारण सत्ता परिवर्तन शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से संभव हो पाता है। होमगार्ड और सुरक्षा बल चुनाव के समय मतदान केंद्रों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में आयोग की सहायता करते हैं। इस प्रकार निर्वाचन आयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) :
प्रश्न 1 : भारत के निर्वाचन आयोग की स्थापना कब हुई थी?
A. 15 अगस्त 1947
B. 26 जनवरी 1950
C. 25 जनवरी 1950
D. 2 अक्टूबर 1950
प्रश्न 2 : निर्वाचन आयोग का गठन संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत किया गया है?
A. अनुच्छेद 320
B. अनुच्छेद 322
C. अनुच्छेद 324
D. अनुच्छेद 326
प्रश्न 3 : निर्वाचन आयोग किन चुनावों का संचालन करता है?
A. केवल लोकसभा
B. केवल राज्य विधानसभा
C. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति
D. सभी संवैधानिक चुनाव
प्रश्न 4 : चुनाव के दौरान आचार संहिता लागू करने की जिम्मेदारी किसकी होती है?
A. संसद
B. सर्वोच्च न्यायालय
C. निर्वाचन आयोग
D. राज्य सरकार
प्रश्न 5 : निर्वाचन आयोग को लोकतंत्र की रीढ़ क्यों कहा गया है?
A. क्योंकि यह कानून बनाता है
B. क्योंकि यह कर वसूलता है
C. क्योंकि यह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करता है
D. क्योंकि यह न्यायिक निर्णय देता है
उत्तर (Answer) :
1 — C
2 — C
3 — D
4 — C
5 — C