भारत में वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation in India) :
भारत विश्व के उन देशों में शामिल है जहाँ जैव विविधता अत्यंत समृद्ध है। यहाँ लगभग 8% वैश्विक जैव विविधता पाई जाती है। भारत में वन्यजीव संरक्षण को कानूनी आधार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 से मिला। इस अधिनियम के अंतर्गत राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और संरक्षित क्षेत्र घोषित किए जाते हैं। वर्तमान में भारत में 100 से अधिक राष्ट्रीय उद्यान और लगभग 570 वन्यजीव अभयारण्य हैं।
भारत में बाघों की सुरक्षा के लिए प्रोजेक्ट टाइगर वर्ष 1973 में शुरू किया गया। 2018 की गणना के अनुसार भारत में बाघों की संख्या 2967 थी, जो विश्व में सर्वाधिक है। इसी प्रकार प्रोजेक्ट एलीफेंट (1992) हाथियों के संरक्षण के लिए चलाया गया। भारत में लगभग 30 हाथी रिज़र्व घोषित हैं।
वन्यजीव संरक्षण का उद्देश्य संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाना और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना है। अवैध शिकार और वन विनाश सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। सरकार ने कई संरक्षित क्षेत्र और जैवमंडल रिज़र्व स्थापित किए हैं। पर्यावरण सुरक्षा में स्थानीय समुदाय, वन विभाग और सुरक्षा बलों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।