यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल परीक्षा : डेली प्रैक्टिस टॉपिक आधारित 29 जनवरी 2026

चोल साम्राज्य (Chola Empire) :

चोल साम्राज्य दक्षिण भारत का सबसे शक्तिशाली और दीर्घकालीन साम्राज्य माना जाता है, जिसका उत्कर्ष 9वीं से 13वीं शताब्दी ईस्वी के बीच रहा। चोल वंश का प्रारंभिक उल्लेख अशोक के शिलालेखों (3री शताब्दी ईसा पूर्व) में मिलता है। चोलों की वास्तविक शक्ति का उदय विजयालय चोल (850 ई.) के शासनकाल से माना जाता है, जिन्होंने तंजावुर को अपनी राजधानी बनाया। चोल साम्राज्य का क्षेत्रफल अपने चरम पर लगभग 40–45 लाख वर्ग किलोमीटर तक फैल चुका था।
चोल साम्राज्य का स्वर्ण युग राजराजा चोल प्रथम (985–1014 ई.) और राजेंद्र चोल प्रथम (1014–1044 ई.) के शासनकाल में रहा। राजराजा चोल ने एक शक्तिशाली नौसेना का निर्माण किया और श्रीलंका (सीलोन) के उत्तरी भाग पर अधिकार किया। उन्होंने बृहदेश्वर मंदिर (1010 ई.), तंजावुर का निर्माण कराया, जो आज यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। राजेंद्र चोल प्रथम ने गंगा अभियान (1023 ई.) के माध्यम से उत्तर भारत तक सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया और अपनी नई राजधानी गंगईकोंडचोलपुरम की स्थापना की।

चोल साम्राज्य समुद्री व्यापार और नौसैनिक शक्ति के लिए प्रसिद्ध था। चोल नौसेना ने मालदीव, मलक्का, सुमात्रा और जावा जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्रों तक व्यापारिक और सैन्य अभियान चलाए। चोल काल में भारत का विदेशी व्यापार मुख्यतः सोना, मसाले, सूती वस्त्र और हाथीदांत पर आधारित था। उस समय चोल साम्राज्य एशिया के प्रमुख व्यापारिक साम्राज्यों में से एक था।
प्रशासनिक दृष्टि से चोलों ने स्थानीय स्वशासन प्रणाली को अत्यधिक विकसित किया। ग्राम सभाएँ जैसे उर (Ur), सभा (Sabha) और नगरम् (Nagaram) प्रशासनिक कार्यों का संचालन करती थीं। भूमि राजस्व प्रणाली अत्यंत संगठित थी और कर संग्रह के लिए विस्तृत अभिलेख रखे जाते थे।

चोल कला और स्थापत्य अत्यंत विकसित था। बृहदेश्वर मंदिर, गंगईकोंडचोलपुरम मंदिर और एयरावतेश्वर मंदिर चोल स्थापत्य के प्रमुख उदाहरण हैं। चोल कालीन कांस्य मूर्तियाँ, विशेषकर नटराज की प्रतिमा, विश्व प्रसिद्ध हैं। चोल साम्राज्य का पतन लगभग 1279 ई. में पांड्य वंश के उदय के साथ हुआ, लेकिन इसकी सांस्कृतिक, प्रशासनिक और समुद्री विरासत आज भी ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) :

प्रश्न 1 : चोल साम्राज्य का स्वर्ण युग किन शासकों के शासनकाल में माना जाता है?

A. विजयालय चोल और आदित्य चोल
B. राजराजा चोल प्रथम और राजेंद्र चोल प्रथम
C. कृष्णदेव राय और नरसिंह देव
D. अशोक और कनिष्क

प्रश्न 2 : बृहदेश्वर मंदिर का निर्माण किस शासक के शासनकाल में हुआ था?

A. विजयालय चोल
B. राजराजा चोल प्रथम
C. राजेंद्र चोल प्रथम
D. कुलोत्तुंग चोल

प्रश्न 3 : चोल साम्राज्य की नई राजधानी ‘गंगईकोंडचोलपुरम’ की स्थापना किसने की थी?

A. विजयालय चोल
B. राजराजा चोल
C. राजेंद्र चोल
D. परांतक चोल

प्रश्न 4 : चोल साम्राज्य किस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक शक्ति के लिए प्रसिद्ध था?

A. केवल उत्तर भारत
B. मध्य एशिया
C. दक्षिण-पूर्व एशिया
D. यूरोप

प्रश्न 5 : चोल साम्राज्य का पतन लगभग किस वर्ष हुआ था?

A. 1150 ई.
B. 1200 ई.
C. 1279 ई.
D. 1350 ई.

उत्तर (Answer) :
1 — B
2 — B
3 — C
4 — C
5 — C

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