भारत में कृषि एवं कृषि का महत्व :
भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ की लगभग आधी से अधिक जनसंख्या आज भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। कृषि न केवल देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि ग्रामीण रोजगार, कच्चे माल की आपूर्ति और राष्ट्रीय आय में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। भारत में मुख्य फसलें खाद्यान्न, दलहन, तिलहन, नकदी फसलें और बागवानी फसलें हैं।
भारतीय कृषि मुख्यतः मानसून पर आधारित है, इसलिए वर्षा की अनिश्चितता कृषि उत्पादन को प्रभावित करती है। हरित क्रांति के बाद उन्नत बीज, सिंचाई, उर्वरक और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से उत्पादन में वृद्धि हुई। सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), फसल बीमा योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सहायता दी जाती है।
कृषि का विकास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है और गरीबी उन्मूलन में सहायक होता है। जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य और टिकाऊ कृषि पद्धतियाँ आज की प्रमुख आवश्यकता हैं। भारत की आर्थिक स्थिरता और सामाजिक संतुलन में कृषि की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) :
प्रश्न 1 : भारत में कृषि को महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?
A. क्योंकि यह केवल निर्यात का साधन है
B. क्योंकि यह खाद्य सुरक्षा और रोजगार प्रदान करती है
C. क्योंकि यह केवल उद्योगों से जुड़ी है
D. क्योंकि यह शहरी विकास को बढ़ावा देती है
प्रश्न 2 : भारतीय कृषि मुख्यतः किस पर निर्भर करती है?
A. हिमपात पर
B. मानसून पर
C. नदियों पर
D. समुद्र पर
प्रश्न 3 : हरित क्रांति का मुख्य प्रभाव क्या रहा?
A. कृषि उत्पादन में कमी
B. केवल नकदी फसलों का विकास
C. खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि
D. कृषि का पूर्ण मशीनीकरण
प्रश्न 4 : सरकार किसानों को सहायता देने के लिए कौन-सा उपाय अपनाती है?
A. केवल कर वृद्धि
B. न्यूनतम समर्थन मूल्य और योजनाएँ
C. कृषि पर प्रतिबंध
D. आयात पर निर्भरता
प्रश्न 5 : टिकाऊ कृषि के लिए क्या आवश्यक है?
A. केवल उर्वरकों का अधिक प्रयोग
B. जल संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य
C. केवल परंपरागत तरीके
D. कृषि का त्याग
उत्तर (Answer) :
1 — B
2 — B
3 — C
4 — B
5 — B