केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने वेतन बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर और पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने जैसी कई बड़ी मांगें रखी हैं। हाल ही में विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और रेलवे संगठनों ने अपने सुझाव आयोग के सामने पेश किए हैं, जिससे लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा जोर –
8वें वेतन आयोग में सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। यह वही फार्मूला होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है। कर्मचारी संगठनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर करीब 69,000 रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं कुछ रेलवे संगठनों ने अलग-अलग स्तर के कर्मचारियों के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव भी दिया है।
रेलवे यूनियनों ने दिया नया प्रस्ताव –
इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने 8वें वेतन आयोग के लिए पांच अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है। संगठन के अनुसार लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों के लिए 2.92, लेवल 6 से 8 तक के लिए 3.50, लेवल 9 से 12 तक के लिए 3.80, लेवल 13 से 16 तक के लिए 4.09 और उच्च स्तर के अधिकारियों के लिए 4.38 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाना चाहिए। यूनियन का कहना है कि इससे कर्मचारियों के पद और जिम्मेदारियों के अनुसार बेहतर वेतन संरचना तैयार होगी।
पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग –
कई कर्मचारी संगठनों ने नई पेंशन योजना (NPS) के बजाय पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग दोहराई है। यूनियनों का कहना है कि OPS कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अधिक वित्तीय सुरक्षा देती है। इसके अलावा शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष करने, वार्षिक वेतन वृद्धि 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 या 6 प्रतिशत करने और HRA तथा अन्य भत्तों में बढ़ोतरी की भी मांग की गई है।
सरकार की ओर से अभी अंतिम फैसला बाकी –
हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों को मंजूरी नहीं दी है, लेकिन आयोग लगातार कर्मचारी संगठनों और विभिन्न विभागों के साथ बैठकें कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत को देखते हुए इस बार वेतन में बड़ा इजाफा हो सकता है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद उन्हें एरियर का भी लाभ मिलेगा।