बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा (Child-centred & Progressive Education)
बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा वह दृष्टिकोण है जिसमें बच्चा सीखने की प्रक्रिया के केंद्र में होता है, न कि शिक्षक या पाठ्यपुस्तक। इस शिक्षा दर्शन के अनुसार प्रत्येक बच्चा अलग-अलग क्षमताओं, रुचियों, अनुभवों और सीखने की गति के साथ आता है, इसलिए शिक्षण को बच्चों की आवश्यकताओं और रुचियों के अनुरूप ढाला जाना चाहिए। बाल-केंद्रित शिक्षा में बच्चे को निष्क्रिय श्रोता नहीं, बल्कि सक्रिय शिक्षार्थी माना जाता है जो अनुभव, गतिविधि और सहभागिता के माध्यम से ज्ञान का निर्माण करता है।
प्रगतिशील शिक्षा का मूल सिद्धांत “करके सीखना (Learning by Doing)” है, जिसे जॉन डेवी (John Dewey) से जोड़ा जाता है। इस दृष्टिकोण में रटंत ज्ञान, कठोर अनुशासन और भय आधारित शिक्षा को अस्वीकार किया जाता है। इसके स्थान पर अनुभव, समस्या-समाधान, परियोजना कार्य, चर्चा और सहयोगात्मक सीख पर बल दिया जाता है। शिक्षक की भूमिका नियंत्रक की नहीं, बल्कि मार्गदर्शक और सहायक की होती है।
बाल-केंद्रित कक्षा में गलतियों को दंड योग्य नहीं, बल्कि सीखने के अवसर के रूप में देखा जाता है। मूल्यांकन सतत और सहायक होता है, ताकि सीखने में सुधार किया जा सके।
1. बाल-केंद्रित शिक्षा में केंद्र में कौन होता है?
A. शिक्षक
B. पाठ्यपुस्तक
C. बच्चा
D. परीक्षा
उत्तर: C
व्याख्या: बाल-केंद्रित शिक्षा में शिक्षण की योजना और प्रक्रिया बच्चे की आवश्यकता, रुचि और क्षमता के अनुसार होती है, इसलिए बच्चा केंद्र में होता है।
2. प्रगतिशील शिक्षा का मूल सिद्धांत क्या है?
A. रटंत अभ्यास
B. करके सीखना
C. कठोर अनुशासन
D. दंड
उत्तर: B
व्याख्या: प्रगतिशील शिक्षा अनुभव और गतिविधि के माध्यम से सीखने पर बल देती है, जिसे “करके सीखना” कहा जाता है।
3. बाल-केंद्रित कक्षा में शिक्षक की भूमिका क्या होती है?
A. नियंत्रक
B. वक्ता
C. मार्गदर्शक
D. परीक्षक
उत्तर: C
व्याख्या: शिक्षक बच्चों को सीखने में दिशा देता है और सहायता करता है, न कि केवल आदेश देता है।
4. प्रगतिशील शिक्षा किस विचारधारा से जुड़ी मानी जाती है?
A. व्यवहारवाद
B. यथार्थवाद
C. अनुभववाद
D. आदर्शवाद
उत्तर: C
व्याख्या: प्रगतिशील शिक्षा अनुभव और व्यवहारिक सीख पर आधारित होती है, इसलिए इसका संबंध अनुभववाद से माना जाता है।
5. बाल-केंद्रित शिक्षा में गलतियों को कैसे देखा जाता है?
A. दंडनीय
B. असफलता
C. सीखने का अवसर
D. कमजोरी
उत्तर: C
व्याख्या: इस दृष्टिकोण में गलतियाँ सीखने की प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा मानी जाती हैं।
6. प्रगतिशील शिक्षा किस प्रकार के वातावरण में फलती-फूलती है?
A. भय आधारित
B. दंडात्मक
C. सहयोगात्मक और स्वतंत्र
D. अत्यधिक प्रतिस्पर्धी
उत्तर: C
व्याख्या: सहयोगात्मक और स्वतंत्र वातावरण बच्चों को बिना डर के सीखने और प्रयोग करने का अवसर देता है।
7. बाल-केंद्रित शिक्षा में मूल्यांकन कैसा होना चाहिए?
A. केवल अंतिम परीक्षा
B. रैंक आधारित
C. सतत और सहायक
D. तुलनात्मक
उत्तर: C
व्याख्या: सतत मूल्यांकन सीखने के दौरान सुधार करने में मदद करता है, जो बाल-केंद्रित शिक्षा की विशेषता है।
8. प्रगतिशील शिक्षा का अंतिम लक्ष्य क्या है?
A. आज्ञाकारी छात्र
B. केवल परीक्षार्थी
C. सोचने और निर्णय लेने वाला नागरिक
D. रटने वाला विद्यार्थी
उत्तर: C
व्याख्या: प्रगतिशील शिक्षा बच्चों को स्वतंत्र सोच और जिम्मेदार नागरिकता के लिए तैयार करती है।
9. निम्न में से कौन-सा बाल-केंद्रित शिक्षा का उदाहरण है?
A. शिक्षक का निरंतर व्याख्यान
B. परियोजना कार्य
C. केवल गृहकार्य
D. दंड आधारित अनुशासन
उत्तर: B
व्याख्या: परियोजना कार्य में बच्चा स्वयं खोज करता है और सीखता है, जो बाल-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है।
10. बाल-केंद्रित शिक्षा क्यों आवश्यक है?
A. क्योंकि इससे पाठ्यक्रम जल्दी पूरा होता है
B. क्योंकि इससे अनुशासन बना रहता है
C. क्योंकि यह सीख को अर्थपूर्ण और स्थायी बनाती है
D. क्योंकि इससे परीक्षा आसान हो जाती है
उत्तर: C
व्याख्या: बाल-केंद्रित शिक्षा सीख को जीवन से जोड़ती है, जिससे समझ गहरी और स्थायी होती है