9. नए राजा और राज्य
मध्यकाल के प्रारम्भिक चरणों में भारतीय उपमहाद्वीप के विभिन्न हिस्सों में कई नए राजवंशों का उदय हुआ, जिन्हें नए राजा और राज्य के रूप में जाना जाता है। ये राजवंश अक्सर उन सामंतों या बड़े भू-स्वामियों से उभरे थे जिन्होंने अपनी सैन्य शक्ति और संसाधन बढ़ाकर स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर दिया था। इन राज्यों ने अपनी सत्ता को वैध बनाने के लिए भव्य मंदिरों का निर्माण कराया और ब्राह्मणों को भूमि दान दी। इस काल में प्रशस्तियाँ लिखी गईं, जिनमें राजाओं की वीरता और उपलब्धियों का बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन किया गया। इन राज्यों के बीच अक्सर संसाधनों और क्षेत्रों (जैसे कन्नौज) पर नियंत्रण के लिए संघर्ष होता रहता था। इन नए राज्यों ने एक विशेष प्रकार की प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की, जहाँ राजस्व की वसूली किसानों, पशुपालकों और शिल्पकारों से की जाती थी। इस काल के अध्ययन से हमें क्षेत्रीय शक्तियों के उभार और उनके बीच के जटिल राजनीतिक संबंधों का पता चलता है।
1. नए राजवंशों का उदय मुख्य रूप से किन वर्गों से हुआ?
A. केवल विदेशी हमलावरों से
B. सामंतों और बड़े भू-स्वामियों से
C. केवल आम किसानों से
D. केवल व्यापारियों से
उत्तर: B
व्याख्या: राजा के अधीन रहने वाले प्रभावशाली सामंतों ने अपनी शक्ति बढ़ने पर स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर दिया था।
2. राजाओं ने अपनी सत्ता और वैभव का प्रदर्शन करने के लिए मुख्य रूप से क्या किया?
A. केवल कृषि पर ध्यान दिया
B. भव्य मंदिरों का निर्माण और प्रशस्तियाँ लिखवाईं
C. व्यापार बंद कर दिया
D. केवल किलों का निर्माण किया
उत्तर: B
व्याख्या: भव्य मंदिर और प्रशस्तियाँ राजा की शक्ति, धार्मिक निष्ठा और उच्च स्थिति के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल की जाती थीं।
3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
कथन 1: प्रशस्तियाँ राजाओं की वास्तविक विजयों का हुबहू वर्णन करती थीं।
कथन 2: प्रशस्तियाँ अक्सर विद्वान ब्राह्मणों द्वारा लिखी जाती थीं।
A. केवल कथन 1 सही है
B. केवल कथन 2 सही है
C. दोनों सही हैं
D. दोनों गलत हैं
उत्तर: B
व्याख्या: प्रशस्तियाँ राजा को प्रशंसा के रूप में लिखी जाती थीं, इसलिए उनमें अक्सर अतिशयोक्ति होती थी और वे पूर्णतः सटीक नहीं होती थीं।
4. मध्यकाल में ‘कन्नौज’ के लिए होने वाले संघर्ष को किस नाम से जाना जाता है?
A. द्विपक्षीय संघर्ष
B. त्रिपक्षीय संघर्ष (Tripartite Struggle)
C. चोल संघर्ष
D. सामंती संघर्ष
उत्तर: B
व्याख्या: गंगा घाटी के उपजाऊ क्षेत्र कन्नौज पर नियंत्रण के लिए पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट राजाओं के बीच लंबा संघर्ष चला।
5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
1. नए राज्यों में राजस्व का मुख्य स्रोत उत्पादक वर्ग (किसान, पशुपालक) थे।
2. राजस्व का उपयोग केवल राजा के व्यक्तिगत सुख के लिए होता था।
3. ब्राह्मणों को दान में दी गई भूमि को ‘ब्रह्मदेय’ कहा जाता था।
सही उत्तर चुनिए—
A. केवल 1
B. केवल 1 और 3
C. केवल 2 और 3
D. 1, 2 और 3
उत्तर: B
व्याख्या: राजस्व का उपयोग सेना के रखरखाव, मंदिरों के निर्माण और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाता था, न कि केवल निजी सुख के लिए।
6. अभिकथन: नए राजाओं ने अक्सर ‘महाराजाधिराज’ जैसी ऊँची उपाधियाँ धारण कीं।
कारण: वे अपनी श्रेष्ठता और स्वतंत्र सत्ता को प्रदर्शित करना चाहते थे।
A. दोनों सही हैं और कारण सही व्याख्या करता है
B. दोनों सही हैं, पर कारण व्याख्या नहीं करता
C. अभिकथन सही, कारण गलत
D. अभिकथन गलत, कारण सही
उत्तर: A
व्याख्या: ऐसी उपाधियाँ उनकी राजनीतिक शक्ति और अन्य सामंतों से श्रेष्ठ होने का दावा करती थीं।
7. दक्षिण भारत के चोल वंश की सफलता का एक प्रमुख कारण क्या था?
A. केवल स्थल सेना
B. विकसित नौसेना और स्थानीय स्वशासन (Ur/Sabha)
C. व्यापार पर प्रतिबंध
D. कोई प्रशासनिक व्यवस्था न होना
उत्तर: B
व्याख्या: चोलों ने अपनी नौसेना से समुद्री व्यापार और श्रीलंका/दक्षिण-पूर्व एशिया तक प्रभाव बनाया, साथ ही उनका ग्रामीण प्रशासन बहुत कुशल था।
8. ‘सामंत’ व्यवस्था ने नए राज्यों के निर्माण में क्या भूमिका निभाई?
A. इसने राज्यों को और कमजोर किया
B. सामंतों ने राजा का समर्थन किया और अवसर मिलने पर अपने राज्य बनाए
C. सामंत केवल कृषि कार्य करते थे
D. सामंतों का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था
उत्तर: B
व्याख्या: सामंत राज्य के रक्षक थे, लेकिन केंद्रीय सत्ता कमजोर होते ही वे स्वयं स्वतंत्र शासक बन गए।
9. नए राज्यों के काल में मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं थे, बल्कि वे और क्या थे?
A. केवल विश्राम गृह
B. आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के केंद्र
C. केवल सैन्य भंडार
D. केवल कर वसूली केंद्र
उत्तर: B
व्याख्या: मंदिरों के आसपास बाजार, कला केंद्र और शिक्षा संस्थान विकसित हुए, जिससे वे पूरे समाज का केंद्र बने।
10. नए राजा और राज्य के अध्ययन से हमें मध्यकालीन भारत के बारे में क्या पता चलता है?
A. भारत में एक ही केंद्रीय सत्ता थी
B. राजनीतिक सत्ता का विकेंद्रीकरण और क्षेत्रीय गौरव का उदय हुआ
C. समाज में कोई परिवर्तन नहीं हुआ
D. केवल युद्धों का इतिहास रहा
उत्तर: B
व्याख्या: इस काल में सत्ता बंटी हुई थी और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट कला और पहचान वाले मजबूत राज्य उभरे।