NEET SS COUNSELLING : नीट सुपर स्पेशियलिटी काउंसलिंग पर बड़ी अपडेट

नीट सुपर स्पेशियलिटी (NEET SS) काउंसलिंग 2025 को लेकर जारी गतिरोध अभी भी समाप्त नहीं हुआ है। देशभर के हजारों मेडिकल अभ्यर्थी काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तमिलनाडु की 151 रिक्त इन-सर्विस सुपर स्पेशियलिटी सीटों को लेकर उत्पन्न कानूनी विवाद के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) अब इस मामले में कानूनी विकल्पों की समीक्षा कर रही है, जिससे अभ्यर्थियों की चिंता और बढ़ गई है।

151 सीटों पर अटका काउंसलिंग का पूरा कार्यक्रम –

विवाद का केंद्र तमिलनाडु की 151 इन-सर्विस सुपर स्पेशियलिटी सीटें हैं, जिन्हें ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में स्थानांतरित किए जाने को लेकर कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद इन सीटों को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध कराने की उम्मीद थी, लेकिन प्रशासनिक और कानूनी जटिलताओं के चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसके परिणामस्वरूप पूरे देश की NEET SS काउंसलिंग प्रभावित हो रही है।

एमसीसी कानूनी उपायों पर कर रहा विचार –

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा शुरू कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि बिना स्पष्ट कानूनी आधार के काउंसलिंग शुरू करने पर भविष्य में सीट आवंटन को लेकर नए विवाद पैदा हो सकते हैं। इसलिए समिति सभी संभावित कानूनी विकल्पों की समीक्षा कर रही है ताकि काउंसलिंग प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

अभ्यर्थियों में बढ़ रही बेचैनी –

देशभर के लगभग 7,000 से अधिक NEET SS अभ्यर्थी लंबे समय से काउंसलिंग शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई डॉक्टर संगठनों ने आरोप लगाया है कि काउंसलिंग में लगातार देरी से छात्रों का शैक्षणिक और पेशेवर भविष्य प्रभावित हो रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद भी प्रवेश प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है, जिससे प्रशिक्षण और अकादमिक सत्र में देरी की आशंका बढ़ गई है।

पहले भी बढ़ चुकी है काउंसलिंग की समयसीमा –

इस विवाद का असर पहले से चल रही काउंसलिंग गतिविधियों पर भी पड़ा है। एमसीसी ने पूर्व में राउंड-2 की चॉइस फिलिंग की समयसीमा को बढ़ाया था और स्पष्ट किया था कि तमिलनाडु सीट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। इसी कारण कई चरणों का कार्यक्रम प्रभावित हुआ और सीट आवंटन प्रक्रिया में अनिश्चितता बनी रही।

जल्द समाधान की उम्मीद –

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कानूनी स्थिति जल्द स्पष्ट हो जाती है तो एमसीसी काउंसलिंग प्रक्रिया को शीघ्र शुरू कर सकता है। स्वास्थ्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई संगठनों ने भी केंद्र और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि रिक्त सीटों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिल सके और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा में सीटें खाली न रहें। फिलहाल सभी की नजरें एमसीसी और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं, जिनके अगले कदम से NEET SS काउंसलिंग 2025 का भविष्य तय होगा।

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