RE NEET 2026 TOP 100 AIR : नीट परीक्षा हो सकता है दोबारा ऐसी है संभावना, जानिए खबर

री-नीट (Re-NEET) 2026 परीक्षा के परिणाम घोषित होने से पहले मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े छात्रों के बीच संभावित टॉपर के अंकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न कोचिंग संस्थानों द्वारा जारी किए गए विश्लेषण के अनुसार, इस वर्ष री-नीट का संभावित ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल करने वाला अभ्यर्थी 720 में से लगभग 715 अंक प्राप्त कर सकता है। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अभी तक आधिकारिक परिणाम या टॉपर सूची जारी नहीं की है।

कोचिंग संस्थानों के दावों ने बढ़ाई प्रतिस्पर्धा –

री-नीट 2026 की आधिकारिक उत्तर कुंजी जारी होने के बाद कई प्रमुख कोचिंग संस्थानों ने अपने छात्रों के संभावित प्रदर्शन का दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, IQuest Coaching Institute ने अपने एक छात्र के 715 अंक प्राप्त करने का दावा किया है। वहीं, Aakash Institute ने 711 अंकों और Gurukripa Career Institute ने 705 अंकों वाले छात्र का दावा किया है। दूसरी ओर, Allen Career Institute ने बताया है कि उसके 16 से अधिक छात्रों ने 700 से ज्यादा अंक हासिल किए हैं, हालांकि उसने सबसे अधिक अंक का खुलासा नहीं किया है।

टॉप-10 रैंक के लिए 700 से अधिक अंक रहने की संभावना

विशेषज्ञों के अनुसार, इस वर्ष री-नीट परीक्षा में टॉप-10 ऑल इंडिया रैंक हासिल करने वाले अधिकांश छात्रों के अंक 701 से 715 के बीच रह सकते हैं। अनुमान है कि AIR-1 के लिए 715 अंक, AIR-2 के लिए 711 अंक और AIR-3 के लिए लगभग 705 अंक पर्याप्त हो सकते हैं। हालांकि अंतिम रैंकिंग परीक्षा परिणाम और टाई-ब्रेकिंग नियमों पर निर्भर करेगी।

आधिकारिक परिणाम का इंतजार –

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अभी तक री-नीट 2026 का अंतिम परिणाम जारी नहीं किया है। परीक्षा की प्रोविजनल उत्तर कुंजी पर प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी की जाएगी और उसी के आधार पर परिणाम घोषित होगा। इसलिए अभी सामने आए सभी आंकड़े केवल संभावित अनुमान हैं और आधिकारिक पुष्टि परिणाम जारी होने के बाद ही होगी।

रैंक और काउंसलिंग पर रहेगा सीधा प्रभाव –

मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शीर्ष स्कोर वास्तव में 715 अंकों के आसपास रहता है तो कटऑफ और रैंकिंग पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। उच्च अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों के बीच मामूली अंकों का अंतर भी रैंक में बड़ा बदलाव ला सकता है। ऐसे में सरकारी मेडिकल कॉलेजों, AIIMS और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा और अधिक कड़ी होने की संभावना है। छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल आधिकारिक परिणाम और काउंसलिंग प्रक्रिया से संबंधित जानकारी पर ही भरोसा करें तथा किसी भी अनौपचारिक दावे के आधार पर निष्कर्ष न निकालें।

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