आपदा प्रबंधन (Disaster Management) :
आपदा प्रबंधन किसी भी प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदा से निपटने की एक संगठित और योजनाबद्ध प्रक्रिया है। भारत जैसे विशाल और विविध देश में बाढ़, भूकंप, चक्रवात, सूखा, भूस्खलन और आग जैसी आपदाएँ अक्सर देखने को मिलती हैं। आपदा प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य आपदा से पहले तैयारी करना, आपदा के समय जान-माल की रक्षा करना और आपदा के बाद सामान्य स्थिति को शीघ्र बहाल करना होता है।
भारत में आपदा प्रबंधन को संस्थागत रूप 2005 के आपदा प्रबंधन अधिनियम के बाद मिला। इसके तहत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), राज्य और जिला स्तर पर समितियाँ गठित की गईं। प्रभावी आपदा प्रबंधन से जनहानि कम होती है और आर्थिक नुकसान को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
आपदा प्रबंधन के मुख्य चरण:
• आपदा से पहले तैयारी और जागरूकता
• आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य
• आपदा के बाद पुनर्वास और पुनर्निर्माण
• प्रशासन, पुलिस और नागरिकों का समन्वय
• आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण का उपयोग
सही योजना, समय पर निर्णय और जनसहभागिता आपदा प्रबंधन को सफल बनाती है। यह किसी भी देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) :
प्रश्न 1 : भारत में आपदा प्रबंधन को कानूनी आधार किस अधिनियम से मिला?
A. आपदा नियंत्रण अधिनियम 2001
B. आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005
C. राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम
D. नागरिक सुरक्षा अधिनियम
प्रश्न 2 :आपदा प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
A. केवल आर्थिक विकास
B. आपदा के बाद जाँच करना
C. जान-माल की रक्षा और सामान्य स्थिति बहाल करना
D. प्रशासनिक नियंत्रण बढ़ाना
प्रश्न 3 : निम्न में से कौन-सा आपदा प्रबंधन का पहला चरण है?
A. पुनर्वास
B. राहत कार्य
C. तैयारी और जागरूकता
D. पुनर्निर्माण
प्रश्न 4 : आपदा के समय सबसे पहली प्राथमिकता क्या होती है?
A. संपत्ति की सुरक्षा
B. प्रशासनिक रिपोर्ट
C. जान-माल की रक्षा
D. आर्थिक आकलन
प्रश्न 5 : आपदा प्रबंधन को सफल बनाने के लिए क्या आवश्यक है?
A. केवल सरकारी प्रयास
B. सही योजना, समय पर निर्णय और जनसहभागिता
C. केवल आधुनिक तकनीक
D. केवल पुलिस बल
उत्तर (Answer) :
1 — C
2 — C
3 — C
4 — B
5 — B