आपदा प्रबंधन (Disaster Management) :
आपदा प्रबंधन का उद्देश्य प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं से होने वाली जान-माल की हानि को कम करना और सामान्य स्थिति को शीघ्र बहाल करना है। भारत भौगोलिक दृष्टि से आपदा-संवेदनशील देश है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अनुसार भारत का लगभग 58% क्षेत्र भूकंप-संवेदनशील, 12% क्षेत्र बाढ़-प्रवण, और 68% क्षेत्र सूखा-प्रभावित माना जाता है। इसके अतिरिक्त लगभग 7,500 किमी लंबी तटरेखा चक्रवातों और सुनामी के खतरे में रहती है।
भारत में आपदा प्रबंधन को कानूनी आधार आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 से मिला। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गठित किए गए। NDMA नीति निर्माण करता है, जबकि NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) राहत और बचाव कार्यों में विशेषज्ञ भूमिका निभाता है। वर्तमान में NDRF की 16 बटालियनें देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात हैं।
आपदा प्रबंधन के चार प्रमुख चरण होते हैं—शमन (Mitigation), तैयारी (Preparedness), प्रतिक्रिया (Response) और पुनर्वास (Recovery)। प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, सुरक्षित निकासी, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता आपदा जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है। होमगार्ड, सिविल डिफेंस और स्वयंसेवी संगठन आपदा के समय बचाव, राहत वितरण और भीड़ नियंत्रण में प्रशासन की महत्वपूर्ण सहायता करते हैं।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) :
प्रश्न 1 : NDMA के अनुसार भारत का लगभग कितना प्रतिशत क्षेत्र भूकंप-संवेदनशील है?
A. 40%
B. 50%
C. 58%
D. 70%
प्रश्न 2 : भारत में आपदा प्रबंधन को कानूनी आधार किस अधिनियम से मिला?
A. राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980
B. आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005
C. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
D. नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968
प्रश्न 3 : राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) का मुख्य कार्य क्या है?
A. नीति निर्माण
B. कर संग्रह
C. राहत और बचाव अभियान
D. चुनाव प्रबंधन
प्रश्न 4 : आपदा प्रबंधन के कितने प्रमुख चरण होते हैं?
A. दो
B. तीन
C. चार
D. पाँच
प्रश्न 5 : भारत की लंबी तटरेखा किस आपदा के प्रति अधिक संवेदनशील है?
A. सूखा
B. भूकंप
C. चक्रवात और सुनामी
D. हिमस्खलन
उत्तर (Answer) :
1 — C
2 — B
3 — C
4 — C
5 — C